रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन शुक्रवार को भारत पहुंचे, जहां राष्ट्रपति भवन में उनका भव्य स्वागत किया गया। 21 तोपों की सलामी और गार्ड ऑफ ऑनर के बाद पुतिन ने राजघाट जाकर महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि दी।
इसके बाद हैदराबाद हाउस में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति पुतिन की मुलाकात हुई। इस दौरान कई वैश्विक मुद्दों पर चर्चा हुई और दोनों नेता 23वीं भारत–रूस वार्षिक समिट में शामिल होने गए।

🔹 मोदी बोले—भारत न्यूट्रल नहीं, भारत शांति के पक्ष में
पीएम मोदी ने कहा—
“भारत न्यूट्रल नहीं है। भारत हमेशा शांति के साथ खड़ा है। दुनिया को आज फिर शांति की जरूरत है और भारत हर कोशिश का समर्थन करता है।”
उन्होंने कहा कि कोविड से लेकर मौजूदा भू-राजनीतिक संकटों तक, दुनिया ने कई चुनौतियां देखी हैं और इनका समाधान जल्द निकलेगा।

🔹 पुतिन ने भारत की भूमिका की सराहना
पुतिन ने यूक्रेन मसले पर भारत की कोशिशों को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा—
“हम शांति चाहते हैं। भारत हमेशा हमारी विश्वसनीय साझेदारी रहा है। दोनों देशों की दोस्ती सिर्फ नाम की नहीं, बल्कि मजबूत आधार वाली है।”
उन्होंने PM मोदी को आमंत्रित भी किया और भारत आने के निमंत्रण के लिए धन्यवाद दिया।
🔹 आज 25 से अधिक समझौतों पर हस्ताक्षर संभव
सूत्रों के अनुसार, दोनों देशों के बीच
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रक्षा
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ऊर्जा
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व्यापार
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अंतरिक्ष
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तकनीक
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शिक्षा
जैसे क्षेत्रों में 25+ समझौतों पर मुहर लग सकती है।
🔹 सुबह की प्रमुख झलकियाँ
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राष्ट्रपति भवन में 21 तोपों की सलामी
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गार्ड ऑफ ऑनर
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मोदी–मुर्मू ने पुतिन का स्वागत किया
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राजघाट पर श्रद्धांजलि
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हैदराबाद हाउस में मीटिंग
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मीडिया में पुतिन की भारत यात्रा गूगल ट्रेंड्स में टॉप पर
भारत–रूस संबंधों की ऐतिहासिक मजबूत नींव पर पीएम मोदी ने भी जोर दिया और कहा कि 2000 में पुतिन की पहली भारत यात्रा से ही दोनों देशों की रणनीतिक साझेदारी और गहरी हुई है।


