एक आम आदमी ने 8 बार के विधायक को हरा दिया, बेटा लिंचिंग में मारा गया था

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रायपुर. छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने बड़ी जीत दर्ज की है. बीजेपी ने यहां पर कुल 54 सीट जीती हैं. जबकि सत्ताधारी कांग्रेस को केवल 35 सीटों पर जीत नसीब हुई. लेकिन सबसे ज्यादा चर्चा बेमेतरा जिले की साजा विधानसभा सीट की है.

साजा विधानसभा सीट पर कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता और आठ बार के विधायक रविंद्र चौबे चुनाव हार गए हैं. उन्हें हराने वाले कोई बड़ा नेता नहीं था बल्कि एक कॉमन मैन ने उन्हें हरा दिया. उन्होंने इससे पहले कोई भी चुनाव नहीं लड़ा था. रविंद्र चौबे को BJP प्रत्याशी ईश्वर साहू ने 5297 वोटो से हरा दिया. 

पेशे से मजदूर ईश्वर साहू के बेटे की इसी साल संप्रदायिक दंगों में मौत हो गई थी. इन चुनावों में भाजपा के प्रत्याशी ईश्वर साहू को 1,01,789 वोट मिले. जबकि रविंद्र चौबे को 96,593 वोट मिले हैं. ईश्वर साहू को चुनाव लड़ने का न तो अनुभव था न ही इतने रुपये की वो चुनाव लड़ सकें. संगठन ने उनके लिए बहुत मेहनत की.

सांप्रदायिक दंगों में बेटे की हुई थी मौत

अप्रैल 2023 में साजा विधानसभा क्षेत्र के बिरनपुर गांव में सांप्रदायिक दंगे हुए थे. स्कूल से मारपीट से शुरू हुई घटना सांप्रदायिक दंगों में बदल गई. इस घटना में कुल तीन लोगों की मौत हुई थी. जिनमें ईश्वर साहू के बेटे भुवनेश्वर साहू भी शामिल थे. रिपोर्ट्स के मुताबिक, छत्तीसगढ़ सरकार ने भुवनेश्वर साहू के परिवार के लिए 10 लाख रुपये के मुआवजे और सरकारी नौकरी का ऐलान किया था. लेकिन भुवनेश्वर साहू ने इसे लेने से इनकार कर दिया था. इस घटना के बाद BJP ने ईश्वर साहू को टिकट दिया था.

ईश्वर साहू मात्र पांचवी पास हैं. अभी उनके बैंक अकाउंट में करीब 16 लाख रुपये हैं. उन्होंने मीडिया को बताया है कि ये पैसा उनकी बेटे की मौत के बाद चंदे के तौर पर उन्हें मिला है. उनकी आय भी उतनी नहीं है जितनी और नेताओं की होती है.

हलफनामे में उन्होंने खुद को मजदूर बताया है. कैंडिडेट लिस्ट आने से दो दिन पहले BJP ने उन्हें चुनाव लड़ने का ऑफर दिया था. जिसे शुरुआत में तो उन्होंने मना कर दिया था. लेकिन फिर सोच विचार करने के बाद उन्होंने इस प्रस्ताव को स्वीकार लिया था.

ईश्वर साहू की इस शानदार जीत पर उन्हे पार्टी की तरफ से बधाई दी गई है. BJP के राष्ट्रीय महासचिव बीएल संतोष ने X पोस्ट कर लिखा,

”ये ईश्वर साहू हैं. छत्तीसगढ़ BJP के उम्मीदवार. उन्होंने 7 बार के कांग्रेस विधायक रविंद्र चौबे को हराया है. ईश्वर साहू का बेटा भीड़ की हिंसा में मारा गया था. हमेशा की तरह कांग्रेस दंगाइयों का समर्थन करती रही है. आज उन्होंने लोकतांत्रिक लड़ाई में अन्याय का बदला लिया. बधाई हो.”

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