सागर जिला प्रशासन का कारनामा, मंत्री को बचाने वाहनों के किराए की दर में बदलाव

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भोपाल। सागर जिला प्रशासन द्वारा बीच चुनाव में खर्च की नई घटी हुई संशोधित दरों के आदेश देने के बाद सागर के हाई प्रोफाइल सुरखी विधानसभा में परिवहन मंत्री गोविंद राजपूत की मुश्किलें बढ़ती जा रही है। नये आदेश की शिक़ायत भारत निर्वाचन आयोग को की गई है।

 

 

गोविंद सिंह राजपूत ने पहले हफ्ते में ही निर्धारित चुनाव ख़र्च से ज़्यादा पैसा खर्च कर दिया है। बताया जा रहा है कि पहले पाँच दिन का ख़र्चा चुनाव आय-व्यय प्रेक्षक ने 19 लाख रुपया माना। इस दौरान उनके यहां राजनाथ सिंह, ज्योतिरादित्य सिंधिया, भूपेन्द्र यादव, अश्विनी वैष्णव, प्रह्लाद पटेल आदि 6 केंद्रीय मंत्रियों की सभाएं हो चुकी हैं। इससे बचने के लिए और राजपूत के चुनाव ख़र्चे को कम करने के लिए जिला प्रशासन ने नई तरकीब निकालते हुए चुनाव प्रचार सामग्री की 20 सितंबर को तय की गई दरों को संशोधित करते हुए कम कर दिया। इसका बक़ायदा 9 नवंबर को बीच चुनाव में आदेश भी निकाला गया।

सागर जिला प्रशासन ने 9 नवंबर को जारी किए गए नए आदेश में स्कॉर्पियो कार की प्रतिदिन कि किराया की दर 12 सौ रुपये निर्धारित कर दी गई। जबकि इसके पहले सामान्य प्रशासन विभाग मध्यप्रदेश शासन के अनुसार इसकी 2500 रुपये प्रतिदिन की दर थी। इस विस्मयकारी आदेश में गाड़ियों का किराया बढ़ने के बजाए घटा दिया गया। इसके अलावा प्रचार की अन्य जिंसों की भी कीमतें कम कर दी गई। इस तरह से सागर ज़िले ने पूरे देश में अपने तरह का इतिहास बना दिया जहाँ पर पिछले एक महीने में महँगाई कम हो गई। उल्लेखनीय है कि इन संशोधित दरों के लिए भारत निर्वाचन आयोग द्वारा नियुक्त आय-व्यय पर्यवेक्षक इसकी सहमति नहीं दी गई है। शिकायत एवं जिला प्रशासन के आदेशों की प्रति संलग्न है।

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