MCU भोपाल का तीसरा दिक्षांत समारोह आयोजित

भोपाल : भोपाल में माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय का तृतीय दीक्षांत समारोह आयोजित किया गया. उपराष्ट्रपति और माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय के कुलाध्यक्ष वेंकैया नायडू ने कार्यक्रम में कहा कि, देश को सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ाने में मीडिया की विशेष भूमिका है. उन्होंने कहा कि, मीडिया का काम देश के विकास को गति देना है और लोकतंत्र को मजबूत बनाना है. उन्होंने कहा कि, मीडिया अज्ञानता के अंधकार को दूर करे और हर प्रकार की समस्याओं का समाधान प्रस्तुत करे.

 

उन्होंने कहा कि, शिक्षा स्थानीय और मातृभाषा में ही मिलना चाहिये. नायडू ने कहा कि, अंग्रेजी की मानसिकता में परिवर्तन लाना जरूरी है. पहले मातृभाषा सीखें और बोलें बाद में विदेशी भाषा को महत्व दें. उन्होंने कहा कि मातृभाषा मौलिक है. यह आंख की तरह है और विदेशी भाषा चश्मे की तरह. उन्होंने कहा कि, अपनी मातृभाषा को सुरक्षित रखने के लिये मातृभाषा में अध्ययन और अध्यापन को बढ़ावा देना जरूरी है.

उन्होंने कहा कि, तीन चीजों को हमेशा याद रखें, पहला मां, दूसरा मातृभूमि और तीसरा मातृभाषा, उन्होंने कहा कि शिक्षा स्थानीय और मातृभाषा में ही मिलना चाहिये इसके लिये नीति बनाने की आवश्यकता है.

उन्होंने अपनी हाल ही की जर्मनी यात्रा का उल्लेख करते हुए कहा कि, वहां संस्कृत में लिखे ग्रंथों में छिपे ज्ञान पर अनुसंधान हो रहा है.

 

नायडू ने कहा कि, मीडिया की जिम्मेदारी है कि समाज की सच्ची तस्वीर पेश करें और सामाजिक बुराइयों को समाप्त करने में अपनी भूमिका तय करें. महिलाओं के सशक्तिकरण और शिक्षा जैसे कार्यों को प्रोत्साहित करे. उन्होंने कहा कि, भारत बदलाव के दौर से गुजर रहा है

 

वैंकेया नायडू ने विश्वविद्यालय की प्रशंसा करते हुए कहा कि, विश्वविद्यालय पत्रकारिता के साथ – साथ कम्प्यूटर शिक्षा को बढ़ावा देकर डिजिटल क्रांति में योगदान दे रहा है.

नायडू ने विश्वविद्यालय द्वारा किये जा रहे अकादमिक नवाचारों की सराहना करते हुए कहा कि, इसे एशिया का सबसे बड़ा मीडिया विश्वविद्यालय होने का दर्जा प्राप्त है. कई शोध पीठों की स्थापना की गई है और दूरस्थ क्षेत्रों मे कम्प्यूटर शिक्षा दी जा रही है. उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश के तेजी से विकास के साथ विश्वविद्यालय का भी विकास हुआ है.

उन्होंने उपाधि प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों का आव्हान किया कि, वे अपने ज्ञान का उपयोग लोक-कल्याण के लिये करें. जीवन में हमेशा अनुशासन रखें, कड़ी मेहनत करें और ईमानदार रहें.

 

विश्वविद्यालय की महापरिषद के अध्यक्ष और मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने दीक्षांत समारोह हिन्दी में संचालित करने और समारोह के लिये भारतीय वेश-भूषा का चयन करने के लिये विश्वविद्यालय प्रशासन की सराहना करते हुए बधाई दी. उन्होंने कहा कि, पगड़ी का स्थान हैट नहीं ले सकता और भारतीय जैकेट का स्थान काला चोगा नहीं ले सकता. उन्होंने कहा कि, विश्वविद्यालय की उपलब्धियां गर्व करने योग्य हैं. देश के हर मीडिया संस्थान में इस विश्वविद्यालय की उपस्थिति है.

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