सूचना आयुक्तों की नियुक्ति खटाई में, हाई कोर्ट ने रिकार्ड तलब किया

भोपाल: मध्यप्रदेश में मुख्य सूचना आयुक्त और 2 सूचना आयुक्तों की विवादों में घिरी नियुक्ति अब मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय की शरण में पहुच गयी है। सोशल एक्टिविस्ट रुपाली दुबे की याचिका पर जस्टिस नंदिता दुबे ने आज नोटिस जारी किया।रुपाली दुबे का पक्ष एडवोकेट जगत सिंह ने रखा।

सूचना आयुक्तों कि नियुक्ति हेतु मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ की अध्यक्षता में गठित चयन समिति में मंत्री जयवर्धन सिंह और नेता प्रतिपक्ष गोपाल गोपाल भार्गव सदस्य थे। इस समिति ने 20 फरवरी 2019 को बैठक आयोजित कर मुख्य सूचना आयुक्त और 2 सूचना आयुक्तों की नियुक्ति की सिफारिश राज्यपाल को की थी। जो न केवल RTI एक्ट के विरुद्ध थी बल्कि सुप्रीम कोर्ट के द्वारा दिनाँक 14 फरवरी 2019 को दिए गए जजमेंट का गंभीर उल्लंघन था।

सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार सरकार द्वारा सर्च कमेटी का गठन कर सूचना आयुक्तों की नियुक्ति के लिए प्राप्त आवेदनों को मेरिट पर शॉर्टलिस्ट करना अनिवार्य था। यह समूची पारदर्शी प्रक्रिया को सरकार की वेबसाइट पर सार्वजनिक करना था जो नही किया गया। RTI एक्ट के अनुसार भी चयनित उम्मीदवारों के नाम के आगे प्रख्यात होने संबंधित विवरण भी रिकॉर्ड में शामिल करना था लेकिन मध्यप्रदेश सरकार यह व्यवस्था अपनाने में असफल रही।

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