सिंधिया ने क्यों कहा मैं इस्तीफा दे दूँगा और दी चुनौति

दिल्लीः मध्यप्रदेश के गुना से सांसद और कांग्रेस के युवा नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया ने बीजेपी अध्यक्ष नंदकुमार सिंह चौहान को लोकसभा में चुनौति दी है कि वह लगाए गए निराधार आरोपों को साबित करें. ज्योतिरादित्य सिंधिया ने लोकसभा अध्यक्ष से कहा कि अगर उन्होनें किसी के प्रति कुछ कहा हो और किया हो तो वह सदन से इस्तीफा देने को तैयार है. नहीं तो आरोप लगाने वाले तीनों सांसद लोकसभा से इस्तीफा दे. दरआसल अशोकनगर की घटना पर मध्यप्रदेश बीजेपी अध्यक्ष और सांसद नंदकुमार सिंह चौहान न सिंधिया पर दलित विरोधी होने के आरोप लगाए थे.

साथ ही भाजपा सांसद वीरेंद्र कुमार और मनोहर ऊंटवाल के खिलाफ संसद में विशेषाधिकार हनन का मामला लाएंगे भी लाने की बात ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कही. लोकसभा में पार्टी के मुख्य सचेतक ज्योतिरादित्य सिंधिया भाजपा ने लोकसभा में उनके खिलाफ लगाए झूठे और निराधार आरोप पर संसद में बीजेपी सांसदों के खिलाफ विशेषाधिकार हनन का प्रस्ताव लाने की बात कही. उन्होंने इसके लिए लोकसभा अध्यक्ष को पत्र लिख दिया है.अपने संसदीय क्षेत्र के एक मामले में दो भाजपा सांसदों वीरेंद्र कुमार एवं मनोहर ऊंटवाल द्वारा उनके बारे फैलाये गए झूठ और निराधार आरोपों के बाद सिंधिया ने ये निर्णय लिया है. इस बारे में लोकसभा अध्यक्ष को लिखे पत्र में उन्होंने कहा है कि दोनों माननीय सदस्यों ने सदन में झूठे आरोप लगाकर ना सिर्फ उनकी मानहानि की है, बल्कि लोकतंत्र की मान्य परंपराओं को भी तोड़ा है. सिंधिया ने कहा है कि दोनों सदस्यों ने एक मनगढंत घटना के आधार पर उन्हें दलित- विरोधी कहा, जिससे वे बहुत आहत हैं.

लोकसभा में बोलते हुए सिंधिया ने कहा कि जो घटना हुई ही नहीं और जिस बयान से उनका कोई वास्ता नहीं, उसके आधार पर संसद का कोई सदस्य इस तरह के आरोप कैसे लगा सकता है? सिंधिया ने कहा कि ना तो उन्होंने दलित विरोधी कोई टिप्पणी की और ना ही उस सरकारी भवन को गंगाजल से धोने जैसी कोई घटना हुई, जिसके आरोप भाजपा के नेताओं द्वारा लगाए गए हैं. उन्होंने कहा कि भाजपा के नेता सबूत दिखाएं या बिना शर्त माफ़ी मांगें. सिंधिया ने कहा कि उनके पूर्वजों एवं परिवार से हमेशा उन्हें जनता की सेवा करने के संस्कार मिले हैं. एक लंबे सार्वजनिक जीवन में वे हमेशा जनसेवा और वंचित तबके के उत्थान के लिए काम करते रहे हैं, जबकि सदन के इन दो सदस्यों ने निराधार आरोप लगाकर उनकी प्रतिष्ठा को ठेस पहुंचाई हैं.

कल ही सिंधिया ने भाजपा के एक और सांसद और बीजेपी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष नंदकुमार सिंह चौहान को भी इसी मामले में कानूनी नोटिस भेजा है. चूंकि श्री वीरेंद्र कुमार और श्री ऊंटवाल ने सदन भीतर अपनी बात कही, इसलिए उनके विरुद्ध विशेषाधिकार हनन का प्रस्ताव लाया गया है, जबकि नंदकुमार सिंह चौहान ने सदन के बाहर ये झूठे आरोप लगाए, अतः उनको कानूनी नोटिस भेजा गया है.

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