शिवराज के 10 साल- पार्टी मेरी माँ, उसके दूध को लजाऊंगा नहीं

shivraj_10_year_28_11_2015भोपालः मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री रहते हुए शिवराज सिंह चौहान ने रविवार को अपने दस साल का कार्यकाल पूरा कर लिया. जिसको लेकर बीजेपी ने भोपाल स्थित प्रदेश बीजेपी कार्यालय दीनदयाय परिसर में उनका सम्मान समारोह रखा. 29 नवम्बर 2005 को शिवराज सिंह चौहान ने मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री पद की शपथ आज ही के दिन ली थी.जिसे पूरे 10 साल हो गए है. शिवराज सिंह के 10 साल पूरा करने पर पार्टी ने इसे सेवा पर्व के रूप में मनाया.बीजेपी  कार्यालय में हुए सम्मान समारोह में भाजपा के वरिष्ठ नेताओं सुन्दरलाल पटवा, कैलाश जोशी सहित केन्द्रीय मंत्री नरेन्द्र सिहं तोमर,बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय और प्रदेश प्रभारी विनय सहसत्रबुद्धे मौजूद रहे. इस मौके पर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने जहाँ अपने राजनीतिक जीवन को पार्टी कार्यकर्ताओं के सामने रखा तो वही सत्ता और संगठन के समन्वय को बताते हुए भारतीय जनता पार्टी को अपनी माँ बताया और इसकी दूथ की लाज रखने की बात कही. शिवराज सिंह चौहान ने अपने दस वर्ष के कार्यकाल में अपनी पत्नी साधना सिंह के सहयोग की बात करते हुए पग पग पर उनके साथ मिलने की और इस दौरान आरोप लगने पर भी विचलित न होने की बात उन्होने कही.

 मुख्यमंत्री के रूप में दस वर्ष का कार्यकाल पूरा करने पर अपने अभिनंदन से अभिभूत शिवराज सिंह चौहान ने पुराने संस्मरण याद करते हुए कहा कि भाजपा ने ही उन्हें गढ़ा है. वरिष्ठ नेताओं की शिक्षा और संस्कारों से ही वह यहां तक पहुंचे. पार्टी में इतनी ताकत है कि मेरी जगह कोई भी होता तो ऐसा ही करता. मरते दम तक पार्टी को नहीं लजाउंगा. शिवराज ने अपने संघर्ष के दिनों से लेकर सफलता की गाथा सुनाई. पार्टी के प्रति कृतज्ञता जताते हुए बोले कि बचपन से ही जनसंघ से जुड़ गया था. कुशाभाऊ ठाकरे से लेकर कैलाश जोशी-सुंदरलाल पटवा सहित वरिष्ठ नेताओं का इतना स्नेह मिला कि जीवन धन्य हो गया. मीडिया में इधर-उधर की कुछ भी बातें चलें लेकिन पूरी पार्टी एक परिवार है. मैं तो सबसे जूनियर कार्यकर्ता हूं.

पार्टी से कभी कुछ नहीं मांगा
शिवराज ने बताया कि बीजेपी जैसी कोई पार्टी नहीं. मैंने अपने लिए पार्टी से कभी कुछ नहीं मांगा, चाहे विधानसभा चुनाव लड़ने का अवसर हो या फिर लोकसभा का, पार्टी ने ही मुझे आदेश दिया. उन्होंने आपातकाल के संस्मरण से लेकर अटल बिहारी वाजपेयी और लालकृष्ण आडवाणी के साथ बिताए समय का भी जिक्र किया. वही वह अटल जी और आडवाणी की सरलता और सहजता को बताना नहीं भूले. साथ ही प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्रियों के रूप में सुंदरलाल पटवा, कैलाश जोशी, उमा भारती एवं बाबूलाल गौर के कार्यकाल की तारीफ भी की.

इस मौके पर प्रदेश प्रभारी डॉ सहस्त्रबुद्धे ने कुशाभाऊ ठाकरे, विजयाराजे सिंधिया, आरिफ बेग, कैलाश सारंग, उमा भारती व गौर का खासतौर पर जिक्र किया. कहा कि आज हम सुसंगठन और सुशासन को आगे ले जाने की परंपरा की पूजा कर रहे हैं. 12 साल के तप और दशक पूर्ति भी है. संवेदनशीलता का दूसरा नाम ही शिवराज है. डॉ विनय सहस्त्रबुद्धे ने कहा कि संगठन को ऐसे दर्जनों शिवराज चाहिए.
शिवराज के पीछे साधना…
कैलाश विजयवर्गीय पुराने संस्मरण सुनाते हुए बोले कि शिवराज और उनका दशकों पुराना साथ है. हर सफल व्यक्ति के पीछे एक महिला होती है, शिवराज के पीछे साधना भाभी ही हैं. शिवराज को अहंकार छू भी नहीं गया, यह काम कोई साधु ही कर सकता है. फिर उन्होंने मजाक करते हुए यह भी कहा कि मैं जानता हूं कि उनकी कोई महिला मित्र नहीं.
संवेदनशीलता व सहजता
कार्यक्रम के अंत में संगठन महामंत्री रामलाल ने जनता और कार्यकर्ताओं के प्रति आभार जताया. वह बोले कि शिवराज में संवेदनशीलता और सहजता है. हमेशा पार्टी की सोच से चलते हैं. इस मौके पर पूर्व मुख्यमंत्रीद्वय सुंदरलाल पटवा, कैलाश जोशी, प्रदेश अध्यक्ष नंदकुमार सिंह चौहान, बाबूलाल गौर, सत्यनारायण जटिया, मेघराज जैन और अरविंद मेनन सहित बड़ी संख्या में पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद थे.

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One Response so far.

  1. Terry says:

    daca tin la fanii 3SE si citesc aceste mesaje,ar fi bn sa tina cont de el;3&82#0esunt oameni in toata firea si ar trebui sa se gandeasca la cei 16 ani de prietenie,nu sa arunce vb urate unul asupra celuilalt,daca sunt adevarate declaratiile din presa

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