रेड क्रॉस चुनाव में पत्रकार और पॉलिटिशियन में मुकाबला,धन बल और धमकियों के बीच चुनाव

भोपाल: इंडियन रेडक्रॉस सोसायटी मध्यप्रदेश के चुनाव गुरूवार होने जा रहे है. तीन साल के खाली पडी चेयरमैन की कुर्सी के लिए इस बार मुकाबला एक पत्रकार और पॉलिटिशियन के बीच है. इस बार मुकाबला पत्रकार आशुतोष पुरोहित और मध्यप्रदेश महिला आयोग की पूर्व अध्यक्ष उपमा राय के बीच है. गुरूवार 17 मई को मध्यप्रदेश रेड क्रॉस सोसायटी के चेयरमैन का फैसला 45 सदस्य करेंगे. इसके लिए राजभवन में गुरूवार को होने वाले चुनाव में इस बार मुकाबला देखने लायक रहेगा जहाँ एक तरफ राजनीतिक ताकत और दूसरी तरफ पत्रकारिता के माध्यम से समाजसेवा में जुटे दो लोगों के बीच टक्कर देखने को मिलेगी.

मतदाताओं में बीजेपी के प्रदेश उपाध्यक्ष अरविंद भदौरिया सहित 45 लोगों की सूची में कई ऐसे सदस्य भी हैं जो राजनीति क्षेत्र में खासा दखल रखते हैं. रेडक्रॉस सोसायटी में इस बार मतदान में हिस्सा लेने वाले ज्यादातर लोगों में सिर्फ 18 मेंबर्स ही डॉक्टर हैं. सूत्रों ने बताया कि 17 मई को होने वाले चुनाव में उपमा राय को चेयरमैन बनाने के लिए पिछले एक साल से भाजपा के प्रभावशाली नेताओं ने जिला कलेक्टरों से विभिन्न जिलों में अपने मनपसंद सदस्य बनवा लिए थे. जिसके जरिए किसी भाजपा नेता को रेड क्रॉस सोसायटी के चेयरमैन पद पर काबिज किया जा सके. इससे पहले काँग्रेस के मुकेश नायक रेड क्रॉस सोसायटी के चेयरमैन थे.

3 साल बाद होगे चुनाव

रेडक्रॉस के चेयरमैन की कुर्सी करीब तीन सालों से खाली पड़ी है. इन तीन सालों तक चेयरमैन न होने से रेडक्रॉस की व्यवस्थाएं चरमराने लगी थी. राजभवन के प्रशासक के रूप में पिछले तीन सालों से रेड क्रॉस सोसायटी का संचालन कर रहा था. वही भारी अनियमितताओं के बीच यहां जांच और उपचार को लेकर भी यहाँ के कर्मचारियों ने जनवरी में प्रदर्शन और आंदोलन किया था. वही राजभवन पर चुनाव करवाने को लेकर सदस्यों द्वारा लगातार दवाब बनाया जा रहा था.

पत्रकार को मिल रही धमकीयाँ

रेड क्रॉस सोसायटी के गुरूवार को होने जा रहे चुनावों में सूत्रों के हवाले से खबर मिली है कि भारी धन बल का उपयोग किया जा रहा है. वोटिंग करने वाले सदस्यों को तरह-तरह के प्रलोभनों के अलावा डराने धमकाने की भी खबरें मिल रही है. वही नाम न छापने की शर्त पर चुनाव प्रत्याशी आशुतोष पुरोहित के समर्थकों ने बताया कि प्रत्याशी को आप्रत्यक्ष रूप से धमकियाँ मिल रही है साथ ही पैसे लेकर बैठने की बात भी सामने आ रही है वही राजनितिक रसूख रखने वाली उपमा राय की तरफ से कई हथकंडे अपनाए जा रहे है.

इस दौरान आशुतोष पुरोहित को पत्रकारों द्वारा फोन करवाकर चुनाव न लड़ने की बात भी कही जा रही है. कुल मिलाकर यह मुकाबला पत्रकार बनाम पॉलिटिशियन के बीच होने से राजनीतिक वर्चस्व की लड़ाई में तब्दील होता जा रहा है. अब गुरूवार को देखना होगा कि जीत किसकी होगी पत्रकार जो कि समाज सेवा को अपना धर्म मानता है या उस राजनीतिक रसूख रखने राजनेता की जो  राजनीति के माध्यम से समाज सेवा के करने की बात कहती है.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

%d bloggers like this: