राष्ट्रमंडल खेलों में भारत का तीसरा सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन,बेटियों ने किया विश्व में भारत को गौरवान्वित

– आलोक शर्मा, संवाददाता

भोपालः राष्ट्रमंडल खेल, ब्रिटिश राष्ट्रमंडल देशों के अंतर्गत आयोजित होने वाली खेल प्रतियोगिता है । हाल ही में आस्ट्रेलिया के गोल्डकोस्ट में सम्पन्न हुये 21 वे राष्ट्रमंडल खेलों में भारतीय खिलाड़ियों ने खासतौर पर महिला खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन की शुरुआत कर भारत का मान विश्व में बढ़ाकर प्रत्येक देशवासी का सिर गर्व से ऊंचा कर दिया है, भारतीय खिलाड़ियों के शानदार ओर दमदार खेल की बदौलत 26 स्वर्ण, 20 रजत, ओर 20 कांस्य पदक सहित कुल 66 पदक जीतकर गोल्डकॉस्ट में 21 वें राष्ट्रमंडल खेलों में अपने इतिहास का तीसरा सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन रहा। भारत मेजबान ऑस्ट्रेलिया ओर इंग्लैंड के बाद तीसरे स्थान पर रहा। ऑस्ट्रेलिया ने 80 स्वर्ण पदक सहित 198 पदक जीतकर प्रथम ,जबकि इंग्लैंड ने 45 स्वर्ण सहित 136 कुल पदक हांसिल कर दूसरा स्थान प्राप्त किया। वहीं कनाडा 15 स्वर्ण सहित 82 पदक जीतकर चौथे ओर न्यूजीलैंड 15 स्वर्ण सहित 46 पदकों के साथ पांचवे स्थान पर रहा। दिनांक 4 से 15 अप्रेल 2018 तक आयोजित इन राष्ट्रमंडल खेलों में दुनिया के 71 देशों से 66 सौ से अधिक खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया था ।
बेटियों ने किया शानदार प्रदर्शन

राष्ट्रमंडल खेलों में इस बार भारत की बेटियों ने खूब शानदार प्रदर्शन कर भारत का गौरव दुनिया में बढ़ा कर ये साबित कर दिया कि बेटियां किसी से कम नही, चाहे वो कोई भी क्षेत्र क्यों न हो , वाकई इन राष्ट्रमंडल खेलों में बेटियों ने ही भारत की झोली में स्वर्ण पदकों की शुरुआत शानदार खेल प्रदर्शन से की।पहले दिन गुरुराजा ने पदक का खाता खोला उसके बाद मीरा बाई चानू ने भारत को स्वर्ण पदक दिलाकर स्वर्णिम सफर की शुरुआत की। कुल 66 पदकों में 35 पदक पुरुष जबकि 28 पदक महिला खिलाड़ियों ने भारत को दिलाएं हैं। 3 पदक मिश्रित युगल वर्ग में भारत को मिले। ऐसे ही 26 स्वर्ण पदकों में 13 स्वर्ण पदक पुरुषों ने जबकि 12 स्वर्ण पदक बेटियों ने प्राप्त किये और एक मिश्रित युगल में मिला। 22 पदक हरियाणा के 38 खिलाड़ियों ने जीते इनमें 2 स्वर्ण सहित 7 पदक बेटीयों ने ही भारत को दिलाये।

21वें राष्ट्रमंडल खेलों के उद्घाटन समारोह में रियो ओलम्पिक की रजत पदक विजेता पी.वी. सिंधु भारतीय झंडा थामे 218 सदस्यीय दल की अगुआई कर रही थीं, तो वहीं समापन समारोह की अगुआई पांच बार की विश्व चैंपियन, राष्ट्रमंडल खेल में स्वर्ण पदक विजेता मैरीकॉम ने जोशीले अंदाज में ,खेल भावनाओं के उमड़ते सैलाब ओर जगमगाती रोशनी के बीच भारतीय दल की अगुवाई में तिरंगा थामकर की, तो वहीं सायना राष्ट्रमंडल खेलों में दो स्वर्ण पदक जीतने वाली पहली भारतीय महिला बैडमिंटन खिलाड़ी बन गई हैं सायना नेहवाल ने रिकार्ड कायम कर दिया। राष्ट्रमंडल खेलों में एक सामान्य किसान परिवार में रहने वाली बनारस की बेटी ने अपना दम दिखाया है। महिला वेटलिफ्टर पूनम यादव ने 69 किलोवर्ग भार स्पर्धा में भारत को पांचवां गोल्ड मेडल दिलाया है। तो वहीं भारत की श्रेयसी सिंह ने महिलाओं की डबल ट्रैप स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीतकर निशानेबाजी रेंज पर भारत का शानदार प्रदर्शन कर देशवासियों के सीना गर्व से फुला दिया। हरियाणा की 16 वर्षीय मनु भाकर ने अपने पहले ही कॉमनवेल्थ गेम्स में गोल्ड जीत लिया है। मनु ने महिलाओं के 10 मीटर एयर पिस्टल इवेंट में भारत को इन खेलों का छठा गोल्ड दिलाया। इसी स्पर्धा में भारत की ही हीना सिद्धू ने सिल्वर मेडल अपने नाम किया। भारत की महिला शूटरों की बात करें तो गोल्ड कोस्ट में 50मीटर राइफ़ल के इवेंट में रजत पदक जीतने वाली तेजस्विनी सावंत की अपनी अलग पहचान है जिन्हें लोग राइफ़ल क्वीन भी कहते हैं। तो वहीं पी.वी. सिन्धु ने भी शानदर खेल प्रदर्शन कर रजत पदक भारत को दिलाया।

21 वें राष्ट्रमंडल खेलों में भारतीय खिलाड़ियों ने 15 खेलों में भाग लिया जिसमें 9 खेलों में पदक हांसिल किये हैं। सबसे ज्यादा 7 गोल्ड मैडल शूटिंग स्पर्धा में जीते। इसके बाद वेटलिफ्टिंग में पहली बार 5 गोल्ड मैडल जीतकर भारत ने इतिहास रच दिया । इन खेलों में भारत की तरफ से कुल 218 एथलीटों ने हिस्सा लिया था । जिसमें 115 पुरुष खिलाड़ी और 103 महिला खिलाड़ी शामिल रहीं, इस दौरान भारतीय खिलाड़ियों के शानदार प्रदर्शन से कई रिकार्ड टूटे तो कई नए रिकार्ड भी कायम हुये। ट्रेक एन्ड फील्ड से भारत को तीन मैडल मिले। जिसमें एक गोल्ड,एक सिल्वर ओर एक ब्रॉन्ज मैडल शामिल है नीरज चौपड़ा,सीमा पुनिया ओर नवजीत ढिल्लन ने पदक जीते। युवा खिलाड़ियों ने पदकों की झड़ी लगा दी।

बैडमिंटन से भारत को पहली बार कुल 6 पदक मिले जिसमें 2 गोल्ड, 3 सिल्वर ओर 1 ब्रॉन्ज मैडल शामिल है भारत की साइना नेहवाल ने गोल्ड मैडल जीता। मुक्केबाजी में भारत को कुल 9 पदक मिले। जिसमें 3 गोल्ड, 3 सिल्वर, ओर 3 ब्रॉन्ज मैडल शामिल हैं। जिसमें मुक्केबाज मेरीकॉम,विकास कृष्ण और गौरव सोलंकी ने गोल्ड मैडल पर पंच लगाया।

एक ब्रॉन्ज मैडल भारत को पैरा पावर लिफ्टिंग में सचिन चौधरी ने यह पदक भारत की झोली में डाला। शूटिंग में भारत को सबसे ज्यादा 16 पदक हांसिल हुये हैं ,जिसमें 7 गोल्ड,4 सिल्वर, ओर 5 ब्रॉन्ज मैडल भारत के नाम हुये। जीतू राय, अनीश,संजीव राजपूत,मनु भाकोर, हिना सिद्दू, तेजस्विनी सावंत, श्रेयशी सिंह ने शूटिंग से गोल्ड को निशाना बनाया । स्क्वेश में भारत को 2 सिल्वर मैडल मिले। जोशना चिनप्पा ओर दीपिका पल्लीकल ने मिक्स्ड डबल्स में सिल्वर जीतकर तो मिश्रित युगल में सौरव घोषाल ओर दीपिका ने रजत पदम प्राप्त कर भारत का मान बढ़ाया ।

टेबल टेनिस में पहली बार भारत को कुल 8 पदक हांसिल हुए। जिसमें 3 गोल्ड मैडल, 2 सिल्वर,ओर 3 ब्रॉन्ज मैडल मिले। पुरुष और महिला टीम इवेंट में गोल्ड, महिला सिंगल्स में मनिका बत्रा ने गोल्ड भारत के नाम किया। भारतीय वेटलिफ्टरों ने 5 गोल्ड मैडल जीतकर इतिहास रच दिया । यह पहला मौका है जब भारत ने वेटलिफ्टिंग में सबसे ज्यादा गोल्ड मैडल अपने नाम किये ,जिसमें मीरा बाई चानू , संजीता चानू,पूनम यादव , सतीश शिवलिंगम, वेंकट राहुल जैसे खिलाड़ियों ने स्वर्ण पदक भारत की झोली में डालकर इतिहास रच दिया।

कुश्ती में भारत को कुल 12 पदक हांसिल हुये। जिसमें 5 गोल्ड मैडल,3 सिल्वर, 4 ब्रॉन्ज पदक जीते। विनेश फोगाट,सुशील कुमार,बजरंग, राहुल अवारे,सुमित मलिक ने गोल्ड पदक जीतकर भारत के स्वर्ण पदकों में बढत बनाई।
भारत को पहला पदक 1934 में मिला

वैसे तो राष्ट्रमंडल खेल पहली वार हेमिल्टन शहर ओंटेरियो कनाडा में आयोजित हुये थे तब इसमें 11 देशों के 40 खिलाड़ियों ने भाग लिया था जिसमें भारत शामिल नही था। भारत ने 1934 में पहली बार राष्ट्रमंडल खेलों में हिस्सा लिया था जिसमें भारत 12 वें स्थान पर आया था, तब भारत के लिये पहला पदक रसीद अनवर ने जीता था। भारत के लिये पहला गोल्ड पदक 34 वर्ष बाद 1958 में कार्डिफ में हुये राष्ट्रमंडल खेलों में मिल्खा सिंह ने 400 मीटर की रेस में जीता था ।

अब तक भारत के पास कुल 504 पदक
पिछले राष्ट्रमंडल खेलों पर नजर डालें तो भारत ने 2014 के ग्लास्गो राष्ट्रमंडल खेलों में जीते 15 स्वर्ण सहित 64 पदकों की कुल संख्या को पीछे छोड़ दिया । भारत का राष्ट्रमंडल खेलों में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन अपनी ही मेजबानी में 2010 दिल्ली के खेलगांव में हुए राष्ट्रमंडल खेलों में दूसरा स्थान प्राप्त कर किया था जिसमें 38 स्वर्ण सहित कुल 101 पदक जीते थे, तो वहीं 2002 के मेनचेस्टर राष्ट्रमंडल खेलों में 30 स्वर्ण सहित 69 पदक जीते थे जब भारत चौथे स्थान पर था । राष्ट्रमंडल खेलों के इतिहास में भारत के पास अब तक कुल 504 पदक हो गए हैं जिनमें 181 स्वर्ण, 175 रजत,ओर 148 कांस्य पदक शामिल हैं। यह उपलब्धि प्राप्त करने वाला भारत विश्व मे पांचवे नंबर का देश हो गया ।
भारत तीसरे पायदान पर

देश               गोल्ड   सिल्वर    ब्रॉन्ज       कुल

आस्ट्रेलिया      80      59           59           198

इंग्लैंड             45      45           46            136

भारत              26      20          20             66

कनाडा            15      40          27             82

न्यूजीलैंड           15      16          15              46

खेलों के अनुसार पदक सारणी 2018

खेल                         स्वर्ण    रजत    कांस्य   कुल

निशानेबाजी             7          4            5          16

कुश्ती                       5           3            4          12

भारोत्तोलन              5          2             2           9

मुक्केबाजी               3          3            3            9

टेबिल टेनिस           3          2             3           8

बैडमिंटन               2          3            1             6

एथलेटिक्स             1          1             1            3

स्क्वॉश                   0          2             0          2

पैरास्पोर्ट्स          0         0              1           1

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