महापौर ने पानी में बैठ, पिया बिसलरी का पानी

भोपाल: मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल बरसात आते ही पानी-पानी हो जाती है. यहां के जनप्रतिनिधि और नगर निगम मानसून से पहले बड़े-बड़े दावे करते है लेकिन वही ढाक के तीन पात. बरसात शुरू होते ही नाले उफ़नते नज़र आते है और लोगों के घरों में पानी इतना भर जाता है कि जिसमें नाव चलाई जा सकती है. शहर के कई इलाकों में तो वहां के विधायक नाव लेकर भी पहुँच जाते है, ताकि मीडिया के कैमरों में कैद होकर वह फेमस स्टार की तरह टीवी स्क्रीन पर चमक सके. लेकिन उस समय उन्हें आम लोगों की दिक्कत से कोई सरोकार नहीं रहता.

लेकिन गुरुवार को भोपाल में नाव तो नहीं चली लेकिन महापौर आलोक शर्मा जरूर सड़क पर घुटनों तक भरे पानी में कुर्सी लगाकर बैठ गए. उनके साथ निगम आयुक्त ने भी कुर्सी डाल ली और चमकने लगे मीडिया के कैमरे. महापौर जी बिसलरी का पानी पी-पीकर पीडब्ल्यूडी को सड़क पर भरे पानी का जिम्मेदार बताते रहे. मामला भोपाल की एक मात्र काँग्रेस विधायक वाली सीट भोपाल उत्तर के सैफिया कॉलेज रोड़ का है जहां महापौर पानी में कुर्सी लगाकर बैठ गए जहां हर साल बरसात में घुटनो तक ही नही कमर तक पानी भर जाता है.

किसी ने इसे महापौर आलोक शर्मा की नौटंकी बताया तो किसी ने से चुनावी साल में राजनेता की राजनीति लेकिन प्रदेश की राजधानी भोपाल में न तो नगर निगम के अधिकारी चौकन्ने है न ही प्रशासन न जाने किसी बड़ी घटना होने का इंतज़ार तो नहीं कर रहे. पिछले साल बरसात के इन्ही दिनों में कई लोग नाले में बह गए थे.

भोपाल भले ही स्वच्छता के मामले में देश में दूसरा स्थान रखता हो लेकिन बरसात का मौसम इस दावे की पोल खोल देता है. भोपाल महापौर भले ही सड़क पर भरे पानी में कुर्सी डाल बैठकर प्रशासन का ध्यान इस ओर खींचना चाहते हो पर कही न कहीं नगर निगम के उन जिम्मेदार अधिकारियों पर भी कार्यवाही बनती है जिनकी लापरवाही के चलते महापौर को पानी में कुर्सी डालकर बैठने की नौबत आई.

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