प्याज की नेतागीरी से लोगों के आए आंसू

भोपालः पूरे देश में प्याज लोगों को रूला रही है. दिल्ली हो या मुम्बई, पटना हो या भोपाल सभी जगह प्याज की कीमतें आसमान छू रही है. इस त्यौहारी सीजन में तो प्याज के भाव देखते ही बन रहे है. बात मध्यप्रदेश की करें तो यहां इस साल प्याज का बंपर उत्पादन  हुआ इसके बावजूद भी यहाँ प्याज के दाम आसमान छू रहे है. एमपी में प्याज की पैदावार ने ऐसा रिकार्ड तोड़ा कि किसान को सड़को पर प्याज फेंकनी पड़ी, जिसके बाद किसान को राहत देने के लिए शिवराज सरकार ने किसान का प्याज 8 रूपए किलो खरीदकर किसान को राहत देने की कोशिश की और लोगों को यह प्याज 2 रूपए किलों उपलब्ध करवाने की बात सरकार ने कही लेकिन यहाँ सरकारी खरीद के बाद प्याज की दुर्दशा ऐसी हुई कि टनों प्याज खराब हो गई. भंडारण की सही व्यवस्था न होने के चलते बरसात में क्विटलों प्याज सढ गई और जानवरों का चारा बनी.

लेकिन बीते एक सप्ताह में अब वही प्याज आम उपभोक्ताओं की आँखों में आंसू ला रही है. एमपी की राजधानी भोपाल में प्याज 40 से 42 रूपए किलों बिक रही है वही थोक में इसके भाव 35-37 रूपए किलो है. मध्य प्रदेश में सत्ताधारी पार्टी बीजेपी की बात माने तो उनका कहना है कि प्याज के दामों में उतार चढाव का दौर आता रहता है इसमें चिंतिंत होने की जरूरत नहीं है. तो काँगेस इसे राजनीतिक मुद्दे की तरह ले रही है, कांग्रेस का सीधा आरोप है कि सरकार की बिचौलियों से मिलीभगत के चलते प्याज के दाम आसमान छू रहे है. प्याज के बढते दामों के लिए कांग्रेस पूरी तरह सरकार की नीतियों को जिम्मेदार मानती है.

लेकिन इस सब के बीच त्यौहार के इस सीजन में प्याज की मार लोगों की जेबों पर पड़ रही है. वही लोग यह कहते नहीं चूक रहे कि राजनीतिक दल अब प्याज पर नेतागीरी कर रही है और आंसू आम लोगों को आ रहे है.

Leave a Reply

%d bloggers like this: