पॉलिटिकल कनेक्शन हो तो, काहे की इंक्वायरी….

Bhopal:

डॉ. मंडेलिया- वो राष्ट्रीय अध्यक्ष नहीं जयभान सिंह पवैया था. राष्ट्रीय अध्यक्ष था ना….

दूसरा व्यक्ति- वे बजरंग दल के थे…

डॉ. मंडेलिया- हां हां, राष्ट्रीय अध्यक्ष था और सुनो…

दूसरा व्यक्ति- चलो एक दिन मिल आएं….

डॉ. मंडेलिया- सुनो.. वा पे एक दिन कनपटी पर लगा दी रिवाल्वर. हम गए और हमारे लड़के मेडिकल कॉलेज के. कि भाई साहब हथियार चहिए. वे बोले कि जाने कनपटी पर रिवाल्वर लगा दी। वहां हनुमानजी का मंदिर बना है. हजीरे पे। पहले अंदर की तरफ था. वहीं उनका ऑफिस था.

हमने उनको पकड़ा. वो धोलपुर का था। पीछे पड़ा तो अखंड ने पैर में मारी और हाथ में मारी. हमने कहा कि अब सिर में भी मार दो. हमने कहा कि अब भगो. तुम भी भागो. फिर हम लोग भाग गए. फिर बाद में पता चला अज्ञात लोगों ने हत्या कर दी. 15-20 लोग कट गए.

दूसरा व्यक्ति- चलो एक दिन पवैयाजी से मिल आएं.

डॉ. मंडेलिया- एक विवेक कैंटीन बनी थी. ये शिंदे की छावनी पे. बहुत शानदार बनी थी. उस पर मर्डर हुआ था। उसमें क्या हुआ पता है, दो लोग मुझे दूध में जहर दे रहे थे. मुझे मारने के लिए. वे बाहर के थे.. कुछ धौलपुर के थे.. कुछ शिवपुरी के थे.

आपस में उनकी चल रही थी कैंटीन वाले से. बदला हमसे ले रहे हमें पहचानते तक नहीं थे. हम हथियार लेने के लिए गए। वो वहीं दे रहा था. हमने हथियार लिए। तभी अखंड को शक हुआ. अखंड हमारा दोस्त था। राइट हैंड.  डॉ. अखंडप्रताप सिंह आज रतलाम में डीसीएम हैं, डॉ. विजय मंसूरिया आजकल दिल्ली है. एक महीने में 10लाख की इनकम है.

सब मेरे मित्र है. दोनों राइट और लैफ्ट हैंड थे. अखंड ने दूध जैसे ही फेंका तो कुत्ता चाटकर खत्म हो गया. अखंड ने धाड़-धाड़ मारी. चुटकी बजाते हुए मैंने कहा कि इसको भी मारो कैंटीन वाले को. मारी और हम लो भाग गए. अभी तक अज्ञात, लोगों का पता नहीं है. इंक्वारी क्या होती है. सब समय का खेल है. पॉलीटिक्ल अच्छा होना चाहिए.. अरे नरोत्तम दादा ने फंसा दिया..”

यह बातचीत दतिया में पदस्थ सरकारी डॉक्टर हेमंत मंडेलिया की है. मंडेलिला ने अपनी मेडिकल की पढ़ाई के दौरान ये मर्डर करने की बात स्वीकार की है. उन्होंने अपने दोस्त से बात करते हुए कहा कि दो अन्य डॉक्टर साथियों, अखंड प्रताप सिंह और विजय मंसूरिया ने मिलकर ये मर्डर किए. डॉ. मंडेलिया दतिया हॉस्पिटल कैंपस में अपने दोस्त को ये बातें बताईं और कहा कि इंक्वारी क्या होती है, पॉलीटिकल रिलेशन अच्छे होने चाहिए.

मप्र के उच्च शिक्षा मंत्री जयभान सिंह पवैया को अपना दोस्त बताने वाले डॉक्टर हेमंत मंडेलिया का एक वीडियो वायरल हो रहा है.  इस वीडियो में मंडेलिया बता रहा है कि किस तरह उसने 2 हत्याएं कीं लेकिन पुलिस रिकॉर्ड में हत्यारों का आज तक पता नहीं लगा. उसने यह भी बताया कि एक हत्या में 2 अन्य डॉक्टरों ने भी उसका सहयोग किया. साथ ही उसने जोड़ा कि इंक्वारी क्या होती है, पॉलीटिकल रिलेशन अच्छे होने चाहिए. माना जा रहा है कि जयभान सिंह पवैया से अच्छे पॉलीटिकल रिलेशन के कारण इन हत्याओं का मामला दबा दिया गया. रिकॉर्ड में आज भी हत्यारे अज्ञात हैं. इस मामले में मंत्री जयभान सिंह पवैया से संपर्क करने का प्रयास किया गया परंतु वो फोन पर उपलब्ध नहीं हुए.

इस बातचीत में उन्होंने ग्वालियर के हजीरा इलाके में किसी धौलपुर निवासी व्यक्ति और शिंदे की छावनी पर विवेक केंटीन पर हुए मर्डर स्वीकार किया है. साथ ही कह रहे है कि इनके आरोपी आज तक अज्ञात हैं.

इसमें डॉ.अखंडप्रताप सिंह रतलाम व दूसरे विजय मंसूरिया दिल्ली में पदस्थ हैं. वीडियों में डॉ. मंडेलिया वर्तमान में प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री जयभान सिंह पवैया का नाम भी ले रहे हैं और उन्हें अपना अच्छा मित्र बता रहे हैं.

पुलिस ने जांच के लिए डॉक्टर को बुलाया

वीडियो वायरल होते हुए पुलिस के पास पहुंचा तो जांच के लिए पुलिस ने डॉ. हेमंत मंडेलिया को बुलाया है. इस वीडियो के वायरल होने के बाद हड़कंप की स्थिति है.  इस मामले में दतिया कोतवाली के टीआई अजय भार्गव का कहना है कि उन्होंने इस वीडियो के बारे में डॉ. मंडेलिया से जबाव मांगा तो उन्होंने वीडियो की मांग की है.पुलिस उन्हें वीडियो उपलब्ध करा रही है. उधर डॉ. मंडेलिया इस वीडियो के वायरल होने के बाद मीडिया से बात नहीं कर रहे हैं.

सभार- भोपाल समाचार

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