“पन्ना लाल” के भू-माफिया साम्राज्य के सामने बीजेपी नतमस्तक

भोपालः मध्यप्रदेश की राजधानी है भोपाल….भोपाल अपने तालाबों के लिए प्रसिद्ध है यहाँ आपको तालाब पर तालाब मिल जाएगें लेकिन अब इस शहर के तालाबों को किसी की नज़र लग गई है. जानने वाले कहते है कि यह नज़र भू-माफियाओं की लगी है. अच्छा भू-माफिया, आखिर यह भू- माफिया होता कौन है जी…पन्ना लाल जैसा भू-माफिया अब यह पन्ना लाल कौन है जी, भू-माफिया है…जिसकी सबसे सांठ गांठ है चाहे वो मंत्री हो, विधायक हो, पुलिस हो, अफसर हो, छुट भैया गुंडा हो या फिर सच का आईना दिखाने वाले पत्रकार बंधु सब इनके सामने पानी भरते नज़र आते है. भैया सबको खरीद लेता है यह यह पन्ना लाल…जो नहीं बिकते उसे फंसा दिया जाता है धारा 376 में इसके पास सब इंतजाम है.

पन्ना लाल नाम सुनते ही पहले तो मैं एक बार चौंक गया कि यह वह एसपी साहब पन्ना लाल तो नहीं है जो कभी भोपाल पुलिस के कप्तान हुआ करते थे और लोग इनकी ईमानदारी की कसमें खाते थे कड़क मिज़ाज एसपी पन्ना लाल…लेकिन नहीं यह तो भोपाल की रायसेन रोड़ पर रहने वाले एक नेता सरी के बुजुर्ग निकले जिनके किस्से बड़े मशहूर है कि इनसे जिसने पंगा लिया वह बचा नहीं पन्ना लाल की सकुनी चाल से…

यह कहानी एक ऐसी पार्टी के कार्यकर्ता ने सुनाई जो मध्यप्रदेश में सत्ता पर काबिज़ है और भोपाल की नगर निगम में भी इनकी सरकार है. यह कार्यकर्ता वह है जो चुनाव के समय इसी सत्ताधारी पार्टी के नेताओं के लिए घर-घर झंडे लगाता और प्रचार कर पार्टी को जिताने के लिए दिन रात एक कर देता है. लेकिन जिस पार्टी और उसके नेताओं के लिए इसने काम किया वह भी पन्ना लाल के दलाल निकले.

दरआसल यह कार्यकर्ता भी भू-माफिया पन्ना लाल का शिकार बन चुका है. जब पन्ना लाला का इस नौजवान पर बस नहीं चला तो इस पर मुकदमा दर्ज करवा दिया आजकल बड़ा सरल है किसी भी नौजवान पर किसी भी नगरवधु से आरोप लगवाना. तो जनाब गरम खून था कालेज में पढाई कर रहा था सो इस पर ब्रेक लग गया इंजिनियर बनना चाहता था नहीं बन पाया और एक कार्यकर्ता बनकर रह गया. कार्यकर्ता सत्ताधारी दल का था सो मेहनत से पद भी मिल गया लेकिन यह पन्ना लाल को नहीं भूला. सो पन्ना लाल के कारनामों की कई जगह शिकायत की, मंत्री से, पार्टी के नेताओं से, पुलिस से और नगर निगम से भी क्योंकि नगर निगम को ही तो इस भू- माफिया से सरकारी ज़मीन को मुक्त करवाना था. लेकिन आवेदन पर आवेदन, शिकायत पर शिकायत लेकिन ढाक के तीन पात, सब नत मस्तक हो गए पन्ना लाल के आगे…धन बल सबसे बड़ी सच्चाई है साहब सब नतमस्तक हो जाते हैं यहाँ…इस युवा कार्यकर्ता से हैरान होकर आखिर पन्ना लाल ने 15 लॉख की पेशकश कर दी लेकिन हर कोई बेईमान थोड़े ही होता है जनाब. सो कमल के इस कार्यकर्ता ने पन्ना लाल को आईना दिखा दिया…पन्ना लाल बौखला गए और मारपीट कर दी यही नहीं मारपीट करने के बाद थाने भी खुद ही ले गए, चोरी उपर से सीना जोरी थानेदार को फोन भी कर दिया. अपराधी के रूप में बैठे कमल के कार्यकर्ता के लिए टीआई साहब ने थाने के लैंडलाइन पर धमका दिया. और जो कार्यवाही करनी थी नहीं कि आखिर पन्ना लाल का दबदबा जो है….

दरदर भटक रहा हूँ भैया लेकिन कोई सुनवाई ही नहीं हो रही मुख्यमंत्री हेल्पलाइन पर भी पन्ना लाल के खिलाफ शिकायत की है लेकिन बिना जाँच किए शिकायत को बंद कर दिया गया है…क्या करू पर मैं हार नहीं मानूंगा रार नहीं ठानूगा…लड़ाई जारी रखूगां बस ईमानदारी की कलम की जरूरत है…

कमल के इस कार्यकर्ता से कुछ दस्तावेज मिले है…जिसमें नगर निगम और नजूल के अधिकारीयों की मिली भगत से पन्नालाल ने भू-माफिया का यह साम्राज्य खड़ा किया है जिसकी रक्षा कर रहे है नेता मंत्री और पुलिस…सहायता के लिए कथित पत्रकार भी है…हौसला है इस नौजवान का जिसने साहस दिखाया है क्योंकि यह भी जानता है कि हर कोई बिकाऊ नहीं होता….

जल्द ही पूरी खबर के साथ mpheadline.com पर पढिए भू-माफिया पन्ना लाल के कारनामें.

निरंतर….

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