टीआई पत्रकार से बोले “थानेदार मैं कि तू है”……

जोबट(म.प्र.):  एक जमाना था जब “पुलिस और पत्रकार” में चोली दामन के साथ की बात होती थी! मगर कुछ बददिमाग पुलिस अधिकारी पुलिस और पत्रकार के इस सोहार्द को खत्म करने की कोशिश में लगे हैं.
ऐसा ही एक घटनाक्रम बिती रात को जोबट अस्पताल परिसर में देखने को मिला.

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार जोबट अस्पताल
में अटेच जननी एक्सप्रेस को एक अन्य चार पहिया वाहन ने पीछे से टक्कर मार दी, जिससे गाड़ी का ड्रायवर शंकर अजनार बुरी तरह से घायल हो गया. अस्पताल परिसर में मौजूद एक समाचार पत्र के संवाददाता आकाश उपाध्याय ने अपनी जिम्मेदारी का निर्वाह करते हुए संबंधित थाने को सूचना दी. सूचना पर थाना प्रभारी घटना स्थल पर पहुँचे, जिन्हे पत्रकार ने अपना फर्ज़ समझते हुए घटना का ब्यौरा दिया तो थानेदार साहब पत्रकार पर विफर पड़े.

और बत्तमीजी के साथ पुलिसिया रौब दिखाते हुए बोले कि , “थानेदार तू कि मैं हूँ” कहते हुए मर्यादा की सभी सीमाएं तोड़ते हुए बदसलूकी पर उतर आए सूत्रों की माने तो घटना के वक्त उक्त अधिकारी नशे में धुत थे!

लोगों ने बताया कि घटना को अंजाम देने वाले चार पहिया वाहन चालक से थानेदार अवैध रूप से वाहन संचालन के लिए मासिक वसूली करते है. जिसके चलते सूचना देने वाले पत्रकार के सही स्थिति बताने पर दोषी के खिलाफ कार्रवाही न करते हुए उल्टे टीआई साहब पत्रकार पर दबाव बनाने के लिए चढ़ बैठे.

वही घटना के बाद जोबट के पत्रकारों ने इस घटना की निंदा करते हुए उक्त थानेदार के खिलाफ गृह मंत्री और पुलिस मुखिया को घटना से अवगत करते हुए कार्रवाई की मांग की जा रही है. तो दूसरी ओर आए दिन पुलिस और  पत्रकारों में सामंजस्य बना रहे साथ ही किस तरह पुलिस को पत्रकारों से बात करना चाहिए और उनके आचरण में कैसे सुधार हो इसको लेकर भी पत्रकार लामबंद होने के साथ सरकार को मांग पत्र सौपने पर विचार कर रहे है.
-दिनेश उपाध्याय,संवाददाता

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