किसान की मौत का सिलसिला जारी,अब तक 15 मौतें

भोपालः मध्यप्रदेश में कर्ज से तंग आकर एक और किसान ने आत्महत्या कर ली. होशंगाबाद जिले के रंढाल गांव के रहने वाले बाबूलाल ने आग लगाकर आत्महत्या की. एमपी में पिछले 15 दिनों में यह 15वां किसान है जिसने कर्ज न चुका पाने के चलते मौत को गले लगाया है. बाबूलाल ने 17 जून को कर्ज की वसूली के लिए मिलने वाली धमकीयों से तंग आकर कैरोसीन डालकर आग लगा ली. जिसके बाद उसे जिला अस्पताल भेजा गया चूँकि बाबूलाल बुरी तरह जल चुका था उसे भोपाल के हमीदिया अस्पताल रेफर किया गया जहां सोमवार रात को उनकी मौत हो गई. डाक्टरों के मुताबिक बाबूलाल 64 फीसदी तक जला चुका था. मृतक बाबूलाल के भाई रामप्रसाद ने बताया कि बाबूलाल किसानी के साथ मजदूरी करता था. होशंगाबाद की रहने वाली दो महिलाओं से मृतक ने 3-3 हजार रुपये कर्ज के तौर पर लिए थे, जिसे वह अभी तक नहीं चुका पाया. जिसके चलते सूदखोर महिलाये ब्याज मिला कर 60 – 60 हजार रूपये मांग रही थी जिसके चलते बाबूलाल ने आत्महत्या कर ली. मृतक बाबूलाला पर साहूकारों का करीब 7 लाख रूपए का कर्ज भी था. इसके अलावा पट्टे की जमीन पर सरकार से ढेड़ लॉख रूपए कर्ज लेकर उसने मकान बनवाया था. मृतक किसान मजदूरी के साथ ही ट्रेक्टर ड्राइवरी और अपने हिस्से की करीब ढेड़ बीघा जमीन से अपने चार बच्चों का पेट पाल रहा था. लेकिन बढ़ते कर्ज और साहूकारों की धमकी के चलते बाबूलाल ने मौत को गले लगाना आसान समझा. किसान आंदोलन के बाद से अब तक एक पखवाडे में 15 किसानों ने आत्महत्या की है जिसका सिलसिला अभी तक जारी है.

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