इस्लाम कबूल नहीं तो, “बिस्तर तो यही होगा पर आदमी बदलते रहेंगे”

Ranchi: “तूने अगर इस्लाम कबूल नहीं किया तो बिस्तर तो यही होगा लेकिन आदमी बदलते रहेंगे” ये कहना है रांची में रहने वाली नेशनल राइफल शूटर तारा शाहदेव का. यह बात तारा ने सीबीआई को दिए अपने बयान में कही है.सीबीआई तारा शाहदेव मामले की जांच कर रही है जिसकी चार्ज शीट मंगलवार को विशेष सीबीआई अदालत में पेश कर दी गई है.

नेशनल राइफल शूटर तारा शाहदेव ने आरोप लगाया था कि रकीबुल और उसकी मां जबरन इस्लाम धर्म कबूल करवाने पर अड़े थे. तारा की सास ने धमकी दी थी कि ‘अगर वह इस्लाम कबूल नहीं करती है तो, उसका बिस्तर तो यही रहेगा लेकिन आदमी बदलता रहेगा।’ सीबीआई ने इस केस की चार्जशीट सीबीआई के विशेष जज फहीम किरमानी की अदालत में दाखिल की है. रकीबुल और उसकी मां के खिलाफ दायर की गई चार्जशीट में दर्ज बातें बेहद चौंकाने वाली हैं. पीड़िता तारा ने शिकायत में बताया था कि उसके सिंदूर लगाने पर भी पाबंदी थी. रकीबुल और उसकी मां सिंदूर लगाने पर हाथ-पैर तोड़ने की धमकी देते थे. तारा ने बताया कि रकीबुल हसन ने उसे शादी के लिए मनाने वास्ते कई हथकंडे अपनाए. वह अफसरों के साथ महंगी गाड़ियों में शूटिंग रेंज पर आता था. तारा की मानें तो रकीबुल शादी से पहले खुद को बेहतर इंसान दिखाने की हर संभव कोशिश करता था. वह शूटिंग रेंज आने वाली लड़कियों की मदद करता था. रकीबुल की दिखावटी दुनिया से तारा काफी प्रभावित हो गई थी. उसे लगा कि वह दुनिया का सबसे अच्छा इंसान है.

लव ज़िहाद से मिलती जुलती कहानी-
23 साल की नेशनल शूटर तारा शाहदेव की रंजीत कोहली उर्फ रकीबुल से 7 जुलाई, 2014 को शादी हुई थी. शादी करने के लिए रकीबुल ने तारा से अपना धर्म छुपाया था. तारा को जब पता चला कि उसके पति का नाम रंजीत नहीं बल्कि रकीबुल हसन है, तो वह दंग रह गई. रकीबुल की सच्चाई सामने आते ही वह तारा पर अत्याचार करने लगा. आरोप है कि तारा का शारीरिक और मानसिक उत्पीड़न कर जबरन धर्म परिवर्तन कराया गया. ऐसा न करने पर वह तारा को कुत्ते से कटवाता तो कभी जलती सिगरेट से उसका शरीर दागता.

रकीबुल के साथ तारा की शादी होटल रेडिशन ब्लू में हिंदू रीति-रिवाज के अनुसार हुई थी. शादी के बाद रकीबुल उसे ब्लेयर अपार्टमेंट के फ्लैट नंबर 4 में ले गया. वहां रकीबुल की मां कौशल रानी और एक कुत्ता भी रहते थे. रकीबुल पर तारा को दहेज के लिए प्रताड़ित करने का भी आरोप है, जबकि सास और झारखंड हाईकोर्ट के तत्कालीन रजिस्ट्रार (विजिलेंस) मुश्ताक अहमद पर आपराधिक साजिश रचने का आरोप है. सुनवाई के दौरान सभी आरोपियों को कोर्ट में मौजूद रहने के लिए समन जारी करने का निर्देश दिया गया है.

इस केस की अगली सुनवाई 1 जून को होगी. सीबीआई ने साल 2015 में इस केस की जांच शुरू की थी. मुख्य आरोपी रकीबुल हसन 27 अगस्त, 2014 से जेल में है, जबकि उसकी मां जमानत पर बाहर है.

 

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